Strait of Hormuz News: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए नई नेविगेशन एडवाइजरी जारी करते हुए माइंस के खतरे को लेकर चेतावनी दी है.
Strait of Hormuz News: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए नई नेविगेशन सलाह जारी की है. इसमें माइंस के खतरे को देखते हुए जहाजों को वैकल्पिक रास्तों से गुजरने के निर्देश दिए गए हैं. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब दो सप्ताह के युद्धविराम के तहत जलडमरूमध्य को अस्थायी रूप से खोलने पर सहमति बनी है.
समुद्री खदानों का खतरा, नए मार्ग तय
ईरान ने जहाजों को चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के कुछ हिस्सों में माइंस का खतरा बना हुआ है. स्थानीय मीडिया और समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा है कि जहाजों को संशोधित यातायात मार्गों का पालन करना होगा, ताकि समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और खदानों के संपर्क से बचा जा सके. सलाह में जहाजों के प्रवेश और निकास के लिए विशेष मार्ग तय किए गए हैं, जिससे व्यापारिक जहाजों के लिए जोखिम कम किया जा सके.
आईआरजीसी ने समन्वय की अपील की
अल जजीरा के हवाले से ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) नौसेना ने जहाजों से अपील की है कि वे जलडमरूमध्य से गुजरते समय उनकी नौसेना के साथ करीबी समन्वय बनाए रखें. प्रस्तावित योजना के अनुसार, ओमान सागर से आने वाले जहाजों को पहले लारक द्वीप के उत्तर से गुजरते हुए खाड़ी में प्रवेश करना होगा. वहीं खाड़ी से बाहर निकलने वाले जहाजों को द्वीप के दक्षिण से होकर ओमान सागर की ओर बढ़ने की सलाह दी गई है, ताकि खतरनाक क्षेत्रों से बचा जा सके.
दो सप्ताह का युद्धविराम
मंगलवार को अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम तय हुआ है, जिसमें पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, यह समझौता इस शर्त पर हुआ है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस आपूर्ति पर लगी रोक को हटाएगा. यह जलमार्ग दुनिया के कुल तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा वहन करता है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, एक ईरानी अधिकारी ने बताया कि लगभग छह सप्ताह से जारी संघर्ष के बाद इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को शुक्रवार तक आंशिक रूप से खोला जा सकता है. हालांकि यह ईरान की निगरानी में होगा. ईरान ने संकेत दिया है कि लंबे समय के शांति समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाया जा सकता है. यह जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित 34 किलोमीटर चौड़ा समुद्री मार्ग है.
युद्धविराम की शर्तें अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं और इस मुद्दे पर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आ रही हैं. कुछ रिपोर्टों के अनुसार ओमान ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है और कहा है कि टोल वसूलना मौजूदा समझौतों का उल्लंघन होगा. वहीं कुछ अन्य रिपोर्टों में दावा किया गया है कि शुल्क प्रणाली पहले ही लागू की जा चुकी है.
अमेरिका भी कर रहा विचार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एबीसी न्यूज से बातचीत में कहा कि वाशिंगटन भी जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने के लिए एक संयुक्त व्यवस्था पर विचार कर रहा है.

