NEET Paper Leak: डूंगरपुर दौरे पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने NEET पेपर लीक पर अशोक गहलोत को घेरने की कोशिश की है. उन्होंने भीलूडा में रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं.
भारत सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत अपने डूंगरपुर प्रवास के दौरान सागवाड़ा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत भीलूडा पहुंचे. यहां उन्होंने ‘ग्राम रथ अभियान’ के तहत गौरीशंकर उपाध्याय राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित रात्रि चौपाल में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की. मीडिया से रूबरू होते हुए केंद्रीय मंत्री शेखावत ने NEET परीक्षा और पेपर लीक के मुद्दों पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी.
गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा की अशोक गहलोत साहब को पेपर लीक के बारे में बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. उनकी सरकार के समय जब रीट (REET) का पेपर लीक हुआ था, तब उन्होंने सवाल उठाने वालों को राज्य का दुश्मन करार दिया था और उनकी सरकार रीट उत्सव मना रही थी. शेखावत ने वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि जैसे ही नीट परीक्षा में गड़बड़ी की बात सामने आई, सरकार ने तुरंत संज्ञान लिया, परीक्षा निरस्त की और जांच सीबीआई को सौंप दी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों की पूरी चैन को पकड़ा जाएगा और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.
वागड़ क्षेत्र डूंगरपुर-बांसवाड़ा में पर्यटन विकास की योजना
भीलूडा में आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने मंत्री का भव्य स्वागत किया. ‘ट्राइबल टूरिज्म सर्किट’ जनजातीय पर्यटन सर्किट के सवाल पर उन्होंने कहा कि पर्यटन राज्य का विषय है और केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर इस पर विस्तृत योजना बना रही है. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार वर्तमान में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रही है. जैसे ही यह केंद्र को प्राप्त होगी, वागड़ क्षेत्र डूंगरपुर-बांसवाड़ा में पर्यटन विकास की योजनाओं पर त्वरित निर्णय लिया जाएगा.
मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना
रात्रि चौपाल में मंत्री ने ग्रामीणों की बिजली, पानी और स्थानीय विकास से जुड़ी समस्याओं को सुना और अधिकारियों को उनके जल्द निस्तारण के निर्देश दिए! शेखावत ने बताया कि ‘ग्राम रथ अभियान’ का मुख्य उद्देश्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं को अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाना और सीधे जनता से संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान करना है. इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.

